दिल्ली में लोक आस्था के महापर्व छठ को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए शासन स्तर पर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राजधानी में पूर्वांचल और बिहार के लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष घाटों की संख्या बढ़ाकर 1400 करने का निर्णय लिया गया है, जो पिछले वर्ष के 1326 घाटों से काफी अधिक है। आगामी 13 नवंबर से प्रारंभ हो रहे इस चार दिवसीय अनुष्ठान के लिए सभी आवश्यक प्रबंध 6 नवंबर तक पूरे करने की समय-सीमा तय की गई है। प्रशासनिक स्तर पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले धरातल पर दिखाई दें।
मौसम के बदलते रुख और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों की अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर पर्याप्त कवर वाले टेंट, मंच व्यवस्था और मुख्य पूजा स्थल पर छायादार पंडाल तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही महिला श्रद्धालुओं की निजता और सहूलियत के लिए समुचित चेंजिंग रूम और बायो-टॉयलेट की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। मॉडल छठ घाटों को आकर्षक रूप देने के लिए मुख्य सड़कों पर भव्य स्वागत द्वार लगाए जाएंगे और बड़े घाटों पर विशाल एलईडी स्क्रीन स्थापित की जाएंगी, जिन पर छठ पूजा से जुड़ी पावन दृश्य सामग्री के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
घाटों की स्वच्छता व्यवस्था को शीर्ष प्राथमिकता पर रखते हुए त्रिस्तरीय सफाई अभियान की योजना बनाई गई है। 15 और 16 नवंबर को उमड़ने वाली भारी भीड़ के दौरान संध्या अर्घ्य से पहले, रात्रि काल में और सुबह उषा अर्घ्य के तत्काल बाद विशेष सफाई चक्र चलाया जाएगा। इसके लिए सफाई कर्मचारियों की अतिरिक्त टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी और जगह-जगह बड़े डस्टबिन लगाकर कचरे का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए 16 नवंबर को उषा अर्घ्य के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि व्रतियों और उनके परिवारों को भागदौड़ से मुक्ति मिल सके।
प्रदूषण नियंत्रण और सुगम यातायात के लिए लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित एजेंसियों को घाटों तक जाने वाले मार्गों की मरम्मत और डस्ट-कंट्रोल के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सड़कों से गड्ढे, कंकड़, मलबा और सेंट्रल वर्ज पर पड़े पुराने पत्थरों को तत्काल हटाया जाएगा और धूल को दबाने के लिए वाटर स्प्रिंकलरों से लगातार पानी का छिड़काव किया जाएगा। अंधेरे वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत बड़े घाटों पर सीसीटीवी निगरानी, दमकल वाहनों की अग्रिम तैनाती, दिल्ली पुलिस के साथ सघन समन्वय, ट्रैफिक डायवर्जन की पूर्व सूचना और आईएसबीटी पर बस यात्रियों के लिए विशेष सहायता केंद्र बनाए जाएंगे।
राजधानी में छठ महापर्व की भव्यता को बढ़ाने के लिए घाटों की संख्या बढ़ाकर 1400 कर दी गई है और सभी व्यवस्थाएं 6 नवंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट, चेंजिंग रूम, एलईडी स्क्रीन और त्रिस्तरीय 24 घंटे सफाई अभियान के साथ-साथ 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश का निर्णय लिया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव, मार्गों की मरम्मत, डार्क स्पॉट्स पर रोशनी और सीसीटीवी व दमकल की तैनाती से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की जनसमर्पित राज्य सरकार के इस डबल-इंजन तालमेल ने विकास, सांस्कृतिक गौरव और जनसेवा को एक नई और सशक्त गति प्रदान की है।