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चौथी वर्षगांठ पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में भव्य आयोजन

भव्यता के 4 वर्ष: श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पणोत्सव पर दो दिवसीय समारोह।

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर, 13 और 14 दिसंबर को विश्वनाथ दरबार में भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 13 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा धाम का उद्घाटन किया गया था, जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार यह तिथि (मार्गशीर्ष माह की दशमी) इस वर्ष 14 दिसंबर को पड़ रही है। इसी कारण दोनों ही दिन विशिष्ट उत्सव आयोजित किए जाएंगे।

धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि 12 से 15 दिसंबर तक धाम को विविध प्रकार के फूलों से आकर्षक रूप से सजाया जाएगा, जिससे श्रद्धालु इन चार दिनों में धाम की अद्भुत दिव्यता का दर्शन कर सकेंगे।

दो दिवसीय लोकार्पणोत्सव में कई नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 13 दिसंबर की शाम को होगा, जब बिहार की भाजपा विधायक और सुप्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर अपने 'शिवार्चन' से समारोह का भक्तिमय शुभारंभ करेंगी। उनके अलावा अंशिका सिंह, अंशुमान महाराज और शनि मिश्रा का गायन भी होगा। यह आयोजन शास्त्रीय, शास्त्रोक्त तथा लोक कलाओं को समाहित करेगा।

उत्सव के दूसरे दिन, 14 दिसंबर को बाबा विश्वनाथ का रुद्राभिषेक होगा। पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा और मंदिर के सभी विग्रहों को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। काशी तमिल संगमम् के कारण काशी आने वाले तमिल मेहमानों के भी इन कार्यक्रमों में शामिल होने की उम्मीद है।

पिछले चार वर्षों में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम ने दर्शनार्थियों की सुविधा, विकास और नवाचारों के क्षेत्र में कई नई ऊंचाइयाँ प्राप्त की हैं। लोकार्पण के बाद से अब तक धाम में 26 करोड़ से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। महाकुंभ 2025 की अवधि में मात्र डेढ़ माह में 2 करोड़ 87 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

इनवर्षोंमेंहुएमहत्वपूर्णनवाचारोंमेंसांसदसंस्कृतिप्रतियोगिता, संस्कृतविद्यालयोंकेबच्चोंकोभोजन-वस्त्र-पुस्तकेंप्रदानकरना, मथुरा, रामेश्वरम, अयोध्याजैसेबड़ेमंदिरोंसेसांस्कृतिकसंबंधस्थापितकरनाऔरसनातनसंस्कृतिकीएकताकोमजबूतकरनेकेप्रयासशामिलहैं।विशेषकरवृद्धजनों, महिलाओंऔरबच्चोंकेलिएउन्नतसुविधाएंउपलब्धकराईगईहैं।

श्रीकाशीविश्वनाथधामअबविश्वस्तरपरअध्यात्म, पर्यटनऔरसनातनधर्मकेकेंद्रकेरूपमेंउभराहै।चारवर्षपूरेहोनेकायहअवसरकाशीवासियोंऔरश्रद्धालुओंकेलिएगौरवकाविषयहै।

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