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गणतंत्र दिवस 2026

यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगे।

भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत भव्यता के साथ मनाने जा रहा है, जो न केवल देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन होगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत के मजबूत होते कूटनीतिक संबंधों का भी प्रतीक बनेगा। इस वर्ष के समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय संघ के दो सबसे शक्तिशाली नेताओं, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण भारत और यूरोपीय संघ के बीच 2004 से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी की गहराई को दर्शाता है। दोनों विदेशी नेता 25 से 27 जनवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे, जिस दौरान वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इस दौरे का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 27 जनवरी को होने वाला 16वां भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन होगा, जिसकी सह-अध्यक्षता ये नेता करेंगे और इस अवसर पर एक विशाल भारत-ईयू व्यापार मंच का आयोजन भी संभावित है, जो दोनों क्षेत्रों के आर्थिक भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगा।

कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली इस वर्ष की परेड तकनीकी नवाचार और पारंपरिक शौर्य का अद्भुत संगम होगी, जिसमें पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट और जांसकर घोड़ों जैसी विशेष जानवरों की टुकड़ियां दर्शकों को रोमांचित करेंगी। मुख्य परेड से पहले 23 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया जाएगा, जिसे आम जनता पूरी तरह निशुल्क देख सकती है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने 'आमंत्रण' पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से एक पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था लागू की है, जहां नागरिक 15 जनवरी से अपना पंजीकरण कराकर फ्री पास प्राप्त कर सकते हैं। यह ध्यान रखना अनिवार्य है कि एक दिन का कोटा समाप्त होते ही बुकिंग बंद हो जाएगी, इसलिए समय रहते आवेदन करना आवश्यक है। परेड देखने के इच्छुक लोगों के लिए आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र अनिवार्य है और सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित वस्तु ले जाना वर्जित है। मुख्य समारोह के टिकटों को भी बहुत ही किफायती रखा गया है, जिसमें 26 जनवरी की परेड के लिए 20 और 100 रुपये के टिकट उपलब्ध हैं, जबकि 28 जनवरी की बीटिंग रिट्रीट रिहर्सल और 29 जनवरी के मुख्य बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए भी इसी दर पर बुकिंग की जा सकती है। यह पूरा आयोजन भारत की संवैधानिक मजबूती, सांस्कृतिक विविधता और एक आधुनिक राष्ट्र के रूप में उभरती उसकी शक्ति का वैश्विक प्रदर्शन होगा।

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