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उत्तर प्रदेश दिवस 2026

विकसित भारत के संकल्प के साथ गांव की चौपाल से विदेशों तक गूँजेगी उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों की धमक।

उत्तर प्रदेश सरकार 24 जनवरी 2026 को 'उत्तर प्रदेश दिवस' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भव्यता के साथ मनाने जा रही है। 'विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश' की थीम पर आधारित यह त्रिदिवसीय आयोजन लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल से लेकर विदेशों में भारतीय दूतावासों तक आयोजित किया जाएगा। इस उत्सव में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जनकल्याणकारी योजनाओं और 'मिशन शक्ति' जैसी उपलब्धियों का प्रदर्शन होगा। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली पांच विभूतियों को 'यूपी गौरव सम्मान' से नवाजा जाएगा और राज्य के सभी जिलों सहित देश के 20 अन्य राज्यों में भी यूपी की धमक दिखाई देगी।

स्थापना से उत्सव तक का सफर

उत्तर प्रदेश दिवस, जिसे 'यूपी दिवस' के रूप में भी जाना जाता है, राज्य के गौरवशाली इतिहास और इसकी स्थापना का प्रतीक है। 24 जनवरी 1950 को तत्कालीन 'संयुक्त प्रांत' (यूनिक प्रोविंस) का नाम बदलकर 'उत्तर प्रदेश' किया गया था। इस ऐतिहासिक दिन को उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा मई 2017 में योगी सरकार द्वारा शुरू की गई, जिसका प्रस्ताव तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने दिया था। तब से हर साल 24 जनवरी को प्रदेश अपनी सांस्कृतिक और प्रशासनिक उपलब्धियों का जश्न मनाता है। वर्ष 2026 का आयोजन इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह न केवल ब्लॉक स्तर तक पहुंच रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

भव्य आयोजन और मुख्य अतिथि

इस वर्ष का मुख्य राज्य स्तरीय समारोह राजधानी लखनऊ के 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' पर आयोजित होगा। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जबकि अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। आयोजन को समावेशी बनाने के लिए ब्लॉक, जिला और मंडल स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं, जिनके विजेताओं को मुख्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा। यह रणनीति 'हर खासो-आम' को उत्सव से जोड़ने के लिए बनाई गई है, जिससे शासन और जनता के बीच सीधा जुड़ाव स्थापित हो सके।

देश-विदेश में यूपी की गूंज

यूपी दिवस की धमक इस बार उत्तर प्रदेश की सीमाओं को लांघकर देश के 20 राज्यों और विदेशों तक पहुंचेगी । दिल्ली, गांधीनगर, मुंबई, गुवाहाटी, जयपुर, रांची और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में प्रदेश सरकार के मंत्री और सांसद प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होंगे। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली में उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य और गुजरात में ब्रजेश पाठक कमान संभालेंगे। दिल्ली हाट में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों के साथ करीब डेढ़ दर्जन देशों के राजनयिक भी शिरकत करेंगे, जो उत्तर प्रदेश की बदलती छवि को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करेगा।

यूपी गौरव सम्मान और विशेष उपलब्धियां

उत्सव का सबसे आकर्षण केंद्र 'यूपी गौरव सम्मान' होगा। प्रदेश की पांच ऐसी शख्सियतों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है। संभावित नामों में अंतरिक्ष यात्री सुभ्रांशु शुक्ला और महिला क्रिकेटर दीप्ति शर्मा शामिल हैं। इन विजेताओं को 11 लाख रुपये की सम्मान राशि, अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंट किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के सभी 18 मंडलों में 54 स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई जाएगी।

विकास और विरासत का संगम

24 से 26 जनवरी तक चलने वाले इस त्रिदिवसीय उत्सव में 'मिशन शक्ति', नवाचार और 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। पर्यटन, खेल, कृषि और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित होंगे। जिलों में मंत्रियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि विकास योजनाओं का प्रचार-प्रसार प्रभावी ढंग से हो सके। यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति का उत्सव है, बल्कि 'विकसित उत्तर प्रदेश' के लक्ष्य की ओर बढ़ते कदमों का एक सशक्त प्रमाण भी है।

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