राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम प्रतिष्ठित और वार्षिक 'अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक' इस वर्ष आगामी 10, 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित होने जा रही है। संघ के सर्वोच्च नेतृत्व की उपस्थिति में होने वाला यह त्रि-दिवसीय महा-मंथन सांगठनिक और वैचारिक दृष्टि से अत्यंत ऐतिहासिक सिद्ध होने वाला है। इस अति-महत्वपूर्ण बैठक में सहभागिता करने के लिए पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का आगामी 6 जुलाई को ही बेलगावी में भव्य आगमन हो जाएगा। उनके साथ माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी तथा डॉ. कृष्णगोपाल जी, सी.आर. मुकुंद जी, अरुण कुमार जी, रामदत्त जी, आलोक कुमार जी व अतुल लिमये जी सहित सभी माननीय सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख एवं केंद्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य इस बैठक में उपस्थित रहकर राष्ट्रोत्थान के विभिन्न आयामों पर गहन चिंतन करेंगे।
सांगठनिक दृष्टिकोण से अत्यंत व्यापक इस बैठक में देश भर के सभी 11 क्षेत्रों एवं 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक, सह प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक तथा सह क्षेत्र प्रचारक अनिवार्य रूप से सहभागी होंगे। इनके साथ ही संघ के विचारों से प्रेरित और राष्ट्र निर्माण में संलग्न 32 विभिन्न विविध संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी इस उच्च स्तरीय विमर्श का हिस्सा बनेंगे। मार्च माह में समालखा (हरियाणा) में संपन्न हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के पश्चात संपूर्ण देश में अप्रैल, मई और जून के महीनों में संघ के विभिन्न स्तरों के प्रशिक्षण वर्ग अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं। बेलगावी की इस महत्वपूर्ण बैठक में इन सभी संपन्न वर्गों के प्रतिवेदनों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी और प्राप्त अनुभवों के आधार पर शाखा स्तर पर कार्ययोजना के शत-प्रतिशत प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में सुदृढ़ रोडमैप तैयार किया जाएगा।
यह वार्षिक बैठक इस मायने में भी अभूतपूर्व है क्योंकि इसमें संघ के गौरवमयी शताब्दी वर्ष (2025-26) के अंतर्गत हुए देशव्यापी शाखा विस्तार की प्रगति की बारीकी से गहन समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले आगामी विशिष्ट आयोजनों तथा बचे हुए राष्ट्रव्यापी अभियानों की अंतिम रूपरेखा को आगामी विजयादशमी यानी 20 अक्टूबर 2026 तक के लिए अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त बैठक में पूजनीय सरसंघचालक जी के वर्ष 2026-27 के राष्ट्रव्यापी प्रवास की विस्तृत योजना रचना को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। देश की वर्तमान परिस्थितियों, जमीनी स्तर के अनुभवों और राष्ट्र की प्रगति से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों तथा आगामी राष्ट्रीय जनगणना जैसे अति-महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी देश भर से आए प्रचारक विस्तृत विचार-विमर्श करेंगे।
सांगठनिक ढांचे के इतिहास में यह बैठक एक युगांतकारी मोड़ साबित होने जा रही है क्योंकि इसे संघ की वर्तमान प्रांत रचना की अंतिम प्रांत प्रचारक बैठक माना जा रहा है। शताब्दी वर्ष के सुअवसर पर संघ अपने आंतरिक ढांचे को और अधिक सुगठित, तीव्र और समय के अनुकूल बनाने के लिए एक व्यापक संरचनात्मक परिवर्तन की ओर अग्रसर है, जिसके तहत वर्तमान प्रांत रचना के स्थान पर संभाग व राज्य स्तर के नवीन सांगठनिक स्वरूप की प्रभावी संरचना का मार्ग प्रशस्त होगा। पूजनीय सरसंघचालक जी के कुशल मार्गदर्शन और केंद्रीय नेतृत्व के सुदृढ़ समन्वय में होने वाली यह बैठक राष्ट्रहित के महान संकल्पों को सिद्ध करने, सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने और नवीन भारत के निर्माण में संघ के अतुलनीय योगदान को एक नई, अभूतपूर्व और अत्यंत गौरवशाली दिशा प्रदान करेगी।