केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों, गिग और डिजिटल प्लेटफार्म आधारित श्रमिकों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन किया है। यह कदम देश भर में डिलीवरी, कैब और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े लाखों ऐसे कामगारों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है, जो अब तक पारंपरिक कर्मचारी लाभों और सुरक्षा तंत्र से वंचित रहे हैं।
इस नवगठित बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री करेंगे। बोर्ड के ढांचे को समावेशी बनाते हुए इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों के साथ एग्रीगेटर कंपनियों, नियोक्ताओं, श्रमिक संगठनों, नागरिक समाज तथा स्वयं गिग व प्लेटफार्म कामगारों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इसका मुख्य कार्य श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य, जीवन बीमा, पेंशन और आकस्मिक सुरक्षा जैसी लक्षित कल्याणकारी योजनाएं तैयार करना और उनके क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार को नीतिगत सिफारिशें देना होगा।
नीति निर्माण के अतिरिक्त, यह बोर्ड योजनाओं की निरंतर निगरानी, राज्यों में कामगारों के पंजीकरण व डेटा रिकॉर्ड की समीक्षा और निर्धारित कल्याण कोष के खर्च के पारदर्शी मूल्यांकन का दायित्व भी निभाएगा। योजनाओं की समीक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड की बैठक वर्ष में कम से कम तीन बार आयोजित की जाएगी, जिससे जमीनी स्तर पर नीतियों को समयबद्ध रूप से लागू किया जा सके।